दलितों के खिलाफ अपराध में गोरखपुर यूपी में नंबर 1 – अखिलेश

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि भाजपा से मुकाबले के लिए टीम बहादुर होनी चाहिए, डरने वाले साथ नहीं चल सकते। जो डर जाएगा वह छोड़कर चला जाएगा, सपा संघर्ष से पीछे हटने वाली नहीं है। लखनऊ में पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता कर भाजपा पर जमकर निशाना साधा। ओपी राजभर के दावों पर जवाब देते हुए अखिलेश ने कहा कि सही समय पर कई चेहरे सामने आएंगे। यूपी की सियासत में कई लोग समय पर अपने पत्ते खोलेंगे। भाजपा विधायकों के पाला बदलने के दावों पर भी उन्होंने सियासी संकेत दिए।
अखिलेश ने कहा कि जल्द ही गोरखपुर में सपा का बड़ा सम्मेलन होगा। गोरखपुर से आए संगठन के पदाधिकारी तैयारियों में जुटे हैं, सम्मेलन की तारीख जल्द तय होगी। सपा ने गोरखपुर को मिशन 2027 का केंद्र बनाकर भाजपा को घेरने की तैयारी कर ली है। अखिलेश ने गोरखपुर मॉडल पर हमला बोलते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद में 487 प्राइमरी स्कूल बंद हुए हैं। 2017 में गोरखपुर में 2163 स्कूल थे, जो 2026 में घटकर सिर्फ 1676 रह गए। गोरखपुर में 1500 लोगों की सरकारी नौकरी छीनी गई।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि दलितों के खिलाफ अपराध में गोरखपुर यूपी में नंबर-1 है। दलित उत्पीड़न में उत्तर प्रदेश देश में अव्वल है और गोरखपुर सबसे आगे है। भाजपा राज में दलितों के खिलाफ अपराध 37 फीसदी बढ़े हैं। 329 से बढ़कर 450 हुए दलित उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं। महिला अपराध पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि गोरखपुर में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। मामले 1283 से बढ़कर 1459 हो गए हैं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। पीएचसी की संख्या 77 से घटकर 9 रह गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य, अपराध और झूठे वादों पर भाजपा को घेर रही सपा ने गोरखपुर में भाजपा के 10 साल के कामकाज पर चार्जशीट पेश की। श्री यादव ने कहा कि गोरखपुर में स्कूल बंद हुए, नौकरी खत्म हुई और अपराध बढ़े हैं। भाजपा को इसका जवाब देना होगा।







