ताजा खबरदिल्लीभारत

समुद्री निगरानी में बढ़ेगी भारत की ताकत, हिंद महासागर में नहीं चलेगी चीन की दादागिरी, कैसे, जानिए

 नई दिल्ली। हाल के सालों में हिंद महासागर में चीनी युद्धपोतों और पनडुब्बियों की मौजूदगी में भारी बढ़ोतरी हुई है। चीन इनकी संख्या को सर्वेक्षणों और समुद्री लुटेरों के खिलाफ ऑपरेशन की आड़ में बढ़ाता जा रहा है। चीनी नौसैनिक गतिविधियों पर भारतीय नौसेना की कड़ी नजर रहती है और अब भारत की निगरानी क्षमता में और अधिक विस्तार होने वाला है। भारतीय नौसेना में अब छह नए पी-8आई समुद्री गश्ती विमान शामिल होने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमरीका दौरे में भारत-अमरीका के संयुक्त बयान में जानकारी दी गई है कि इन छह पी-8आई विमानों को लेकर समझौता लगभग पूरा होने वाला है। बिक्री के लिए सभी शर्तों पर भी सहमति बन गई है। नौसेना में शामिल छह विमानों की खेप भारत की समुद्री क्षमता मजबूत करेगी, खासकर हिंद महासागर में। इन विमानों के आने से प्रतिकूल गतिविधियों की निगरानी करने और उनका मुकाबला करने की नौसैना की क्षमता बढ़ेगी।

वर्तमान में भारत के पास 12 पी-8आई विमान हैं। आठ विमानों के पहले बैच को 2009 में नौसेना में शामिल किया गया था। इसके बाद 2016 में चार और नए विमान खरीदे गए थे। नौसेना ने 10 अतिरिक्त विमानों का अनुरोध किया था, लेकिन उसे पूरा कोटा नहीं मिल सका। नवंबर 2019 में छह नए पी-8आई के लिए मंजूरी दे दी गई। इस निर्णय को मई, 2021 में अमरीकी विदेश विभाग से मंजूरी मिली। इन विमानों को विशेष रूप से लंबी दूरी की निगरानी के लिए डिजाइन किया गया है और ये बहुत गहराई पर भी पनडुब्बियों का पता लगा सकते हैं और उन्हें बेअसर कर सकते हैं।

41 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता

विमान को समुद्र में गहराई तक स्कैन करने के साथ 41,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता देता है। यह एक बार में 8,300 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है और इसमें 11 हार्ड प्वॉइंट लगे हैं, जिनमें एंटी-शिप मिसाइल, क्रूज मिसाइल, हल्के टॉरपीडो और एंटी-सबमरीन वारफेयर चार्ज शामिल हैं। पी-8आई के साथ भारतीय नौसेना में निगरानी क्षमता बढ़ाने के लिए एमक्यू-9बी ड्रोन को भी शामिल किया जा रहा है। 2029 तक अमरीका 31 एमक्यू-9बी ड्रोन की डिलीवरी करेगा। ये ड्रोन हिंद महासागर की निगरानी करेंगे, जहां 50 से अधिक नौसैनिक जहाज और 20,000 कामर्शियल जहाज मौजूद रहते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *