
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत मंजूर करने से इनकार कर दिया, लेकिन अन्य पांच आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। न्यायालय ने कहा कि उपलब्ध सामग्री से उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम, 1967 के तहत प्रथम दृष्टया मामला बनता है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने इसी मामले के कुछ अन्य आरोपियों गुलफिशां फातिमा, मीरा हैदर, शिफा-उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद की जमानत मंजूर कर ली।

न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि उसने इस मामले में सामूहिक दृष्टिकोण अपनाने के बजाय प्रत्येक आरोपी की भूमिका का स्वतंत्र रूप से विश्लेषण किया है। न्यायालय ने निचली अदालत को मामले की प्रक्रिया में तेजी लाने का भी निर्देश दिया है। जिन आरोपियों की जमानत मंजूर की गयी है, उन पर 12 शर्तें लगाई गई हैं और न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि इन शर्तों के दुरुपयोग की स्थिति में उनकी जमानत रद्द की जा सकती है।









