
सुकमा। छत्तीसगढ़ में माओवादी संगठन ताश की पत्तों की तरह बिखरने लगा है बुधवार को फिर सुकमा जिले में 26 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें सात महिला नक्सली शामिल हैं। इन नक्सलियों पर 64 लाख रुपयों का ईनाम घोषित था। छत्तीसगढ़ के साथ ही आसपास के अन्य राज्यों में भी सक्रिय नक्सलियों ने तात्कालिक विस्फोटक उपकरण (आईईडी) विस्फोट के जरिए, गोलीबारी करके और घात लगाकर हमलों को अंजाम देकर सुरक्षा बलों के 56 जवानों की जानें ली हैं।
सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक अर्ध सैनिक बल के बहुत से बटालियन (केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल 02, 159, 212, 217, 226 और कोबरा 201) की आसूचना शाखा के जरिए नक्सलियों को आत्म समर्पण के मनाया जा रहा था, सीआरपीएफ , डीआरजी और अन्य बलों की मेहनत के कारण आज आखिरकार राज्य पुलिस को इस काम में सफलता हाथ लगी है।

लाली की तरह दूसरे इनामी नक्सली हेमला (जगर गुंडा जिला सुकमा के बारे में पुलिस ने बताया कि इस नक्सली पर आठ लाख रुपयों का ईनाम घोषित था। वर्ष 2011 से अब तक यह नक्सली पांच छोटी-बड़ी घटनाओं में शामिल रहा है। वर्ष 2020 – मिनपा में हुए मुठभेड़ में पुलिस के 17 जवानों की शहादत हुई थी, यह नक्सली इस मुठभेड़ के दौरान वहां मौजूद था।
महिला नक्सली आसमीता उर्फ कमलू पर आठ लाख का ईनाम घोषित था। वह पीएलजीए कम्पनी नंबर 7 की सदस्य थी। मुचाकी संदीप उर्फ हिड़मा के ऊपर पांच लाख का ईनाम घोषित था, मुचाकी के बारे में पुलिस ने बताया कि यह नक्सली केंद्रीय समिति के सदस्य जंपन्ना (कंधमाल कालाहांडी बोध नयागढ़ डिविजन) की सुरक्षा टीम में रहा है।
टेकलगुड़ा और जगरगुंडा इन दो घटनाओं में साथी नक्सलियों के साथ शामिल रहकर इस नक्सली ने कुल 25 जवानों की जान ली थी। वर्ष 2021 में टेकलगुड़ में घात लगाकर नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग की थी इस गोलीबारी में 22 जवानों की शहादत हुई थी, इसी तरह साल 2023 में थाना जगरगुंडा इलाके में नक्सलियों ने घात लगाकर गोलीबारी की थी इस गोलीबारी में तीन जवानों की शहादत हुई थी।









