
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और सभी राज्य सरकारों को एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर नोटिस जारी किया, जिसमें अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ को लागू करने की मांग की गई है। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और जॉयमाल्य बागची की बेंच ने एडवोकेट अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर रिट याचिका पर केंद्र सरकार के साथ-साथ सभी राज्य सरकारों से जवाब मांगा है।

अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया कि जिन मामलों में एससी/एसटी परिवार के किसी सदस्य ने पहले ही संवैधानिक या वरिष्ठ सरकारी पद हासिल कर लिया है, ऐसे व्यक्ति के बच्चों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि एससी/एसटी श्रेणियों के अंदर सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत परिवारों को लगातार आरक्षण देना सकारात्मक कार्रवाई के मूल उद्देश्य को ही खत्म कर देता है।









