
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना-मनरेगा को सोच समझकर खत्म किया है और इस योजना को बर्बाद करने का उनका मकसद मजदूरों को गुलाम बनाना है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर मंगलवार को एक पोस्ट में कहा कि मोदी सरकार का मनरेगा को बर्बाद करने का मकसद गरीब श्रमिकों को बर्बाद करना है। इस तरह की पहल कर सरकार मज़दूरों को ग़ुलाम बनाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा “मोदी जी का मनरेगा को बर्बाद करने का मकसद क्या है। मज़दूरों से दिहाड़ी के मोल-भाव का हक़ छीन लेना, पंचायतों की शक्ति छीन कर उनके हाथ बांधना, राज्यों से अधिकार छीन कर दिल्ली में केंद्रित करना, देश को फिर से राजा-महाराजाओं के ज़माने में धकेलना, जहां सारी ताकत और संपत्ति गिनती के लोगों के पास हो।” राहुल गांधी ने कहा कि न्यूनतम मज़दूरी, साल-भर काम की गारंटी, आज़ादी और स्वाभिमान के साथ काम करने का हक़- देश के करोड़ों श्रमिक एक आवाज़ में कह रहे थे ‘मनरेगा ने हमारी ज़िंदगी बदली।’ दशकों लगे ये बदलाव लाने में। आज वही श्रमिक कह रहे हैं-‘मोदी सरकार मज़दूरों को ग़ुलाम बनाने वाली सरकार है।’









