
ढाका। 20 साल के लंबे अंतराल के बाद बांग्लादेश की राजनीति में एक नया युग शुरू हो गया है। आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए 299 सीटों में से 212 सीटें हासिल कर बहुमत के लिए जरूरी 150 के आंकड़े को पार कर लिया। चुनाव में कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी बुरी तरह हारी है। उसके गठबंधन को सिर्फ 70 सीटें मिलीं हैं। शेख हसीना की सरकार गिराने वाले स्टूडेंट्स की पार्टी नेशनल सिटीजन पार्टी ( एनसीपी) को भी बांग्लादेशियों ने नकार दिया। जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को 77 सीटें ही मिली हैं। देश में करीब 20 साल बाद बीएनपी की सरकार बनेगी। 2008 से 2024 तक वहां शेख हसीना की आवामी लीग सत्ता में थी।
इस जीत के साथ बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा है। दिवंगत खालिदा जिया के बेटे तारिक ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत हासिल की है। बांग्लादेश में 35 साल बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री । 1988 में काजी जफर अहमद प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद 1991 से 2024 तक देश की राजनीति में पूर्व पीएम शेख हसीना और खालिदा जिया का दबदबा रहा। ये दोनों ही प्रधानमंत्री बनती रहीं। तारिक रहमान की जीत पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि मेरे भाई तारिक, उनकी टीम और बाकी सभी को बधाई।









