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एलपीजी आवंटन का नया फॉर्मूला तय, फार्मा, फूड और कृषि क्षेत्रों को मिलेगी राहत

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार को एलपीजी आवंटन का नया फॉर्मूला तय किया है। इसके तहत फार्मा, फूड और कृषि के साथ अर्थव्यवस्था के लिए अहम सेक्टर्स को राहत मिलेगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, अब फार्मा, फूड, पॉलीमर, कृषि, पैकेजिंग, पेंट, यूरेनियम, हैवी वाटर, स्टील, बीज, मेट, सिरेमिक, फाउंड्री, फोर्जिंग, ग्लास और एयरोसोल जैसे सेक्टर्स को बल्क एलपीजी मिलेगी। इन इंडस्ट्रीज को मार्च 2026 से पहले की उनकी खपत का 70 प्रतिशत एलपीजी मिलेगी, हालांकि पूरे सेक्टर के लिए कुल सीमा 0.2 टीएमटी (थाउजेंड मीट्रिक टन) प्रति दिन तय की गई है। सरकार के मुताबिक, जिन फैक्ट्रियों में एलपीजी की जगह प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल नहीं हो सकता, उन्हें पहले एलपीजी दी जाएगी। इसके साथ ही, इंडस्ट्रीज को तेल वितरक कंपनियों (ओएमसी) यानी तेल कंपनियों के साथ रजिस्ट्रेशन करना होगा और पीएनजी यानी पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के पास आवेदन करना होगा।

हालांकि, जहां एलपीजी मेन्युफैक्चरिंग प्रोसेस का जरूरी हिस्सा है और उसकी जगह गैस नहीं आ सकती, वहां पीएनजी आवेदन की शर्त माफ कर दी गई है। सरकार द्वारा राज्यों को पहले ही पैक्ड नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी का 70 प्रतिशत आवंटन किया जा चुका है। इसमें 10 प्रतिशत का अतिरिक्त कोटा उन राज्यों को मिलेगा जो पीएनजी से जुड़े तय सुधार लागू करेंगे। सरकार के अनुसार, सरकार ने राज्यों तीन जरूरी कदम उठाने को कहा है, जिसमें पहला- नेचुरल गैस एंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026 को सभी संबंधित विभागों तक पहुंचाना, दूसरा- 10 प्रतिशत रिफॉर्म-लिंक्ड एलपीजी अलोकेशन का फायदा जल्द से जल्द उठाना और तीसरा- कंप्रेस्ड बायो गैस से जुड़ी राज्य नीति को जल्द नोटिफाई करना शामिल है।

 

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