
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा है कि पैसा देकर उनकी जो छवि बनाई गई थी वह टूट रही है, इसलिए पीएम मोदी ने डरकर भारत-अमरीका व्यापार समझौते तथा अन्य मामले में देश के हितों के साथ समझौता कर लिया है। राहुल गांधी ने मंगलवार को संसद भवन परिसर में पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस सांसदों के साथ मकर द्वार पर पार्टी के आठ सांसदों-हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिकम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत पाडोले, एस. वेंकटेशन और डीन कुरियाकोस के लोकसभा से निलंबन और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन करने के बाद पत्रकारों से कहा कि विपक्ष के नेता को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है और यह इसलिए हो रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री ने भारत के हितों के साथ समझौता कर देश को बेच दिया है।
उन्होंने कहा “मैं तीन बातें बोलना चाहता हूं लेकिन बोलने नहीं दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी घबराए हुए हैं। अमरीका के साथ व्यापार समझौता चार माह से रुका हुआ था। इस बारे में जो मैं जानता हूं वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जानते हैं। प्रधानमंत्री ने कल शाम भारत-अमरीका व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। उन पर दबाव था। दरअसल पीएम मोदी की जो इमेज का गुब्बारा है और जिसे हजारों करोड़ रुपए देकर बनाया गया है वह टूट सकता है।”
लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा “मुद्दा पूर्व सेना प्रमुख का नहीं है। यह तो साइड शो है। यह मैं भी जानता हूं और पीएम मोदी भी जानते हैं। मुख्य मुद्दा यह है कि हमारे प्रधानमंत्री ने देश हितों के साथ समझौता कर लिया है। यह किसने और कैसे किया, यह सब देश की जनता को सोचना है। लेकिन इतिहास में पहली बार विपक्ष के नेता को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने नहीं दिया गया है। भारत-अमरीका व्यापार समझौते में पीएम मोदी ने देश के लोगों की मेहनत और खून-पसीने को बेच दिया है और वह इसलिए बेचा है कि यह समझौता हुआ है। देश को बेच दिया गया है इसलिए मोदी डरे हुए हैं। जिन लोगों ने उनकी इमेज बनाई है वे उसको तोड़ने में लगे हैं।”
राहुल गांधी ने कहा कि अमरीका में उद्योगपति अडानी पर जो मामला है, दसअसल वह अडानी पर नहीं बल्कि मोदी को निशाना बनाया जा रहा है। उनके फाइनेंसर पर निशाना साधा जा रहा है। यह केस सही मायने में मोदी पर है क्योंकि अडानी भाजपा का वित्तीय समर्थन करते हैं। अभी एप्सटीन का मामला पूरा सामने नहीं आया है। देश को समझ लेना चाहिए कि प्रधानमंत्री देश के हितों के साथ समझौता कर रहे हैं।










