उत्तर प्रदेशताजा खबरभारत

काशी में 10 हजार अजन्मी बेटियों का तर्पण !

वाराणसी। पितृपक्ष की मातृ नवमी के अवसर पर रविवार को उत्तर प्रदेश के काशी के दशाश्वमेध घाट पर ‘आगमन सामाजिक संस्था’ के तत्वावधान में कोख में ही मार दी गईं अजन्मी बेटियों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान एवं तर्पण अनुष्ठान किया गया। संस्था के संस्थापक सचिव डॉ. संतोष ओझा ने पांच वैदिक आचार्यों के सानिध्य में करीब 10 हजार अजन्मी बेटियों का पिंडदान, तर्पण, पंचबलि एवं ब्राह्मण भोज कराया। गंगा की पावन मिट्टी से विशेष पिंड वेदी का निर्माण कर गंगाजल, कुशा और अग्नि से भूमि का संस्कार किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और शांति पाठ के बीच अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ।

आचार्यों के निर्देशन में डॉ. ओझा ने अजन्मी बेटियों की आत्माओं का श्रद्धापूर्वक आवाहन कर उनकी शांति और सद्गति के लिए संकल्प लिया। कुशा, जौ, तिल एवं गंगाजल से पिंड अर्पित किए गए। प्रत्येक पिंड को बेटी के प्रतीक के रूप में स्थापित कर चंदन, पुष्प, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित किया गया। इसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख कर तर्पण किया गया।

संस्था के अनुसार, महिला सशक्तीकरण और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ वर्ष 2001 से जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है। यह संस्था का 13वां वार्षिक पिंडदान अनुष्ठान था। डॉ. ओझा के नेतृत्व में पिछले वर्षों में करीब 1.5 लाख अजन्मी बेटियों का तर्पण किया जा चुका है। इस वर्ष 10 हजार पिंडदान के साथ यह संख्या बढ़कर करीब एक लाख 60 हजार हो गई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *