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छावनी में बदली राजधानी, मेट्रो-ट्रेनों के बाद इंटरनेट सेवा भी ठप, कर्तव्य पथ के 4 KM के दायरे में बैन

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर शनिवार को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) प्रदर्शनके मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी है। प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली में जो कुछ किया गया है, वैसा शायद पहले कभी नहीं हुआ। 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने और दिल्ली आने वाली 65 ट्रेनों को रद्द करने के बाद नई दिल्ली के एक बड़े हिस्से में इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश जारी किया गया है। नई दिल्ली क्षेत्र के जनपथ-कर्तव्य पथ चौराहे के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह निलंबित रहेंगी। यह प्रतिबंध शुक्रवार रात दस बजे से शुरू होकर शनिवार रात दस बजे तक यानी पूरे 24 घंटे के लिए प्रभावी रहेगा। इसके अलावा सरकार ने बॉर्डर सील, धारा 163 लागू, मस्जिदों से ऐलान, शराब की दुकानें बंद और करीब 26 हजार सेंट्रल फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं। दिल्ली-नोएडा सीमा पर भारी सीमेंट के बैरिकेड लगा दिए गए हैं। न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने एहतियात के तौर पर कनॉट प्लेस के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को शनिवार को बंद रखने की सलाह दी है। नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के बॉर्डर पर पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है। ऐसे में पूरी दिल्ली को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

पूर्वोत्तर दिल्ली के पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल ने युवाओं से उन स्थानों पर प्रदर्शन न करने का आग्रह किया, जहां अनुमति नहीं मिली है। उन्होंने मस्जिदों और मौलवियों से भी इस संदेश को फैलाने की अपील की। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को 12 अक्तूबर तक सीएपीएफ की 221 कंपनियां यानी करीब 23,000 जवान भेजे हैं। ये 110 सीएपीएफ कंपनियों के अलावा हैं, जो पहले से दिल्ली पुलिस के साथ जुड़ी हुई थीं। कुल मिलाकर करीब 26,000 केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान दिल्ली में तैनात होंगे। सीएपीएफ की कंपनियां जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से दिल्ली लाई जा रही हैं। करीब 12,000 अद्र्धसैनिक जवान पहले से दिल्ली में तैनात हैं। करीब 11,000 सीएपीएफ जवानों को एयरलिफ्ट करके लाया गया। दिल्ली पुलिस के करीब 15,000 जवान भी तैनात किए गए हैं। 450-500 महिला अद्र्धसैनिक जवान भी अलग से बुलाई गई हैं। पुलिसकर्मियों को 150 बॉडी कैमरे भी दिए गए हैं, ताकि प्रदर्शनकारियों के साथ उनकी बातचीत रिकॉर्ड हो सके। दिल्ली में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके तहत दिल्ली में बिना लिखित अनुमति के पांच या ज्यादा लोगों का जमावड़ा, जुलूस, प्रदर्शन, धरना, नारेबाजी, भाषण, और हथियार, लाठी, तलवार और ईंट-पत्थर जैसी चीजें लेकर चलना आदि प्रतिबंधित रहेगा।

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