बांग्लादेश चुनाव: जमात-ए-इस्लामी को लेकर तस्लीमा नसरीन ने दी कड़ी चेतावनी
बांग्लादेश चुनाव को लेकर मशहूर लेखिका और एक्टिविस्ट तस्लीमा नसरीन ने अपनी राय रखी है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए तस्लीमा नसरीन ने कहा कि कुछ मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी और झड़पों की खबरें आईं, लेकिन ज्यादातर जगहों पर वोटिंग शांतिपूर्ण रही। आरोप है कि कल शाम से, जमात-ए-इस्लामी के एक्टिविस्ट्स ने कुछ पोलिंग स्टेशनों पर खुद वोट डाला। जमात का एक नेता 74 लाख टका कैश के साथ पकड़ा गया है। उन पर पैसे बांटकर वोट खरीदने का आरोप है। तस्लीमा ने यह भी कहा कि जमात के लोग धर्म के नाम पर प्रचार कर रहे हैं। वे दावा कर रहे हैं कि उनके चुनाव निशान तराजू पर वोट देने से जन्नत मिलेगी और यह अल्लाह का आदेश है।
लेखिका नसरीन ने दी चेतावनी
तस्लीमा ने जमात-ए-इस्लामी को लेकर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर यह पार्टी सत्ता में आई, तो बांग्लादेश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा और कट्टरपंथ हावी हो जाएगा। इससे अल्पसंख्यकों पर जुल्म बढ़ेगा और उन्हें देश छोड़ना पड़ेगा। महिलाओं को बुर्के और नकाब के अंधेरे में धकेल दिया जाएगा। उन्होंने डर जताया कि देश दूसरा अफगानिस्तान बन सकता है। तस्लीमा ने याद दिलाया कि जमात ने 1971 के युद्ध में पाकिस्तानी सेना का साथ दिया था। ये ताकतें भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक हैं। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि जमात इस बार भी चुनाव नहीं जीत पाएगी।
बीएनपी पर क्या बोलीं नसरीन?
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के बारे में बात करते हुए तस्लीमा ने कहा कि अगर यह पार्टी सत्ता में आती है, तो उसके सामने बड़ी चुनौतियां होंगी। सरकार को हर हाल में लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और बोलने की आजादी की रक्षा करनी होगी। महिलाओं की बराबरी, मानवाधिकार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर काम करना जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि सरकार को अमीरी-गरीबी के बीच की खाई कम करनी चाहिए और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पक्की करनी चाहिए। अगर बीएनपी इन पर सही से काम करती है, तो उसे जनता का भरोसा मिलेगा।









