राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: फर्जी रसीद बुक से होती थी गड़बड़

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच चल रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इसी बीच एक और जानकारी सामने आई है। आरोपियों की निशानदेही पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम पर बनाई गई पुरानी फर्जी चंदा रसीद बुक बरामद हुई है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे केवल दान की चोरी ही नहीं करते थे, बल्कि फर्जी रसीद काटकर श्रद्धालुओं से पैसे भी वसूलते थे। आरोपियों के पास से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की पुरानी फर्जी रसीद बुक भी बरामद की गई है। शुरुआती दौर में टिन्नू यादव, लव कुश, करुणेश, अनुकल्प समेत अन्य गिरफ्तार आरोपी दान देने वाले श्रद्धालुओं को रसीद के रूप में यही फर्जी पर्ची देते थे, ताकि किसी को संदेह न हो।
फर्जी रसीद पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का लोगों भी छपवाया गया था। पुलिस ने तीन आरोपियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को 40 घंटे की रिमांड पर लिया है। पुलिस बुधवार को तीनों आरोपियों लेकर अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के जौरा क्षेत्र पहुंची। सूत्रों के अनुसार, पुलिस को शक है कि चोरी किए गए नोटों की गिनती और बंटवारा यहीं किया जाता था। पुलिस टीम बुधवार सुबह 7:36 बजे फैजाबाद जेल पहुंची। तीनों आरोपियों को पुलिस लाइन लेकर गई। एसइआईटी रिपोर्ट के अनुसार, तीनों आरोपी सीसीटीवी फुटेज में नोटों को जेब में रखते हुए नजर आए थे। अयोध्या पुलिस ने मिल्कीपुर क्षेत्र में भी छापामारी की।
मुझे हटाया नहीं, सिर्फ बैठकों से दूर रहने को कहा
उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में विवाद लगातार गहराया हुआ है। इस मामले में राम मंदिर के प्रशासक गोपाल राव की भूमिका को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच अफवाह उड़ी कि गोपाल राव को प्रशासक की भूमिका से हटा दिया गया है। अब गोपाल नगरकट्टे उर्फ गोपाल राव ने बुधवार को दावा किया कि उन्हें ट्रस्ट से नहीं हटाया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें केवल कुछ समय के लिए ट्रस्ट की बैठकों से दूर रहने के लिए कहा गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कथित दान चोरी मामले को छोडक़र उनके खिलाफ लगाए गए बाकी सभी आरोप बेबुनियाद हैं।








