
न्यूयार्क। अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमरीकी आयोग (यूएससीआईआरएफ) ने सिख अलगाववादियों के खिलाफ हत्या की साजिश में कथित संलिप्तता को लेकर भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के खिलाफ प्रतिबंधों की मांग की है। अपनी वार्षिक रिपोर्ट में (यूएससीआईआरएफ) आयोग ने यह भी दावा किया है कि भारत में अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार बदतर होता जा रहा है। पैनल ने अमरीकी सरकार से धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के कारण भारत को विशेष चिंता का देश घोषित करने का भी आग्रह किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीका लंबे समय से भारत को एशिया और अन्य क्षेत्रों में चीन के बढ़ते प्रभाव के प्रति संतुलन के रूप में देखता रहा है, यही वजह है कि भारत में मानवाधिकारों के मुद्दों को नजरअंदाज किया जाता रहा है। उधर, अमरीकी आयोग की रिपोर्ट पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यूएससीआईआरएफ की नवीनतम रिपोर्ट पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित आकलन जारी करने के अपने पुराने पैटर्न को दोहराती है। विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में कहा कि लोकतंत्र और सहिष्णुता के प्रतीक के रूप में भारत की स्थिति को कमजोर करने के अमरीकी प्रयास सफल नहीं होंगे। इसकी रिपोर्ट पर गौर करने की बजाय यूएससीआईआरएफ को ही चिंताजनक संस्था के रूप में नामित किया जाना चाहिए, क्योंकि यह सहिष्णुता और सद्भाव को कमजोर करता रहा है। यूएससीआईआरएफ द्वारा अलग-अलग घटनाओं को गलत तरीके से प्रस्तुत करने और भारत के जीवंत बहुसांस्कृतिक समाज पर संदेह जताने के लगातार प्रयास धार्मिक स्वतंत्रता के लिए वास्तविक चिंता के बजाय एक जानबूझकर किए गए एजेंडे को दर्शाते हैं। ऐसे में सही मायने में (यूएससीआईआरएफ को ही चिंताजनक संस्था के रूप में नामित किया जाना चाहिए।