
वाशिंगटन। ईरान के सुप्रीम लीडर जब तक जिंदा थे, वह इस्लाम के नाम पर मुस्लिम देशों को एकजुट करने की कोशिश करते रहे, लेकिन अमरीका के हमले के बाद खुलासा हुआ है कि वह सऊदी अरब ही है, जिसने डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान पर हमला करने का दबाव बनाया था। वाशिंगटन पोस्ट ने दावा किया है कि सऊदी अरब के प्रधानमंत्री और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने डोनाल्ड ट्रंप को कई बार फोन उनसे बार-बार ईरान पर हमला करने के लिए लॉबिंग की थी। अखबार ने बताया है कि डोनाल्ड ट्रंप कोई डिप्लोमेटिक समाधान निकालना चाहते थे, लेकिन मोहम्मद बिन सलमान हमले पर जोर दे रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने ईरान को लेकर दोहरा चेहरा अपना रखा था।
एक तरफ वह सार्वजनिक तौर पर ईरान के पक्ष में बयान दे रहे थे, जबकि अंदर से वह हमला करने के लिए लॉबिंग कर रहे थे। उन्होंने ट्रंप से यह भी कहा था कि अगर अमरीका ने हमला नहीं किया, तो ईरान और ज्यादा ताकतवर हो जाएगा। बता दें कि ईरान और सऊदी अरब के रिश्ते काफी खराब रहे हैं, लेकिन पिछले दो-तीन सालों से ईरान और सऊदी करीब आ चुके थे। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दोनों देशों के बीच सुलह करवा दी थी, लेकिन पर्दे के पीछे सऊदी अरब इजरायल के साथ मिला हुआ था, इसका पता अब चला है।









