
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में जोरदार प्रदर्शन करते हुए 3-2 से बाजी अपने नाम कर ली है। पार्टी जहां असम और पुड्डुचेरी में अपनी सरकार बचाने में सफल रही है, वहीं पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के साथ खेला करते हुए पहली बार राज्य की सत्ता हासिल करने में सफल रही है। लगातार तीन बार बंगाल की मुख्यमंत्री रहीं ममता को इतनी बड़ी हार की कभी उम्मीद नहीं रही होगी, जिनकी पार्टी 100 सीटों के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच पाई। भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी खुद सुभेंदु अधिकारी से 15,114 वोटों से हार गईं हैं। वह काउंटिंग सेंटर में करीब पांच घंटे रहीं। बाहर आकर उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अंदर धक्का दिया और पीटा गया। ममता ने कहा कि भाजपा की यह जीत नहीं बल्कि लूट है। चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ मिलकर जो कुछ भी किया है वह पूरी तरह से गैरकानूनी है। यहां दोबारा काउंटिंग होनी चाहिए। खबर लिखे जाने तक भाजपा 200 से ज्यादा सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर चुकी थी। राज्य में कांग्रेस को दो सीटें जरूर हासिल हुईं, लेकिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी खुद चुनाव हार गए। बता दें कि सोमवार को राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से केवल 293 सीटों पर ही मतगणना हो रही है, क्योंकि भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिला की पूरी फाल्टा विधानसभा सीट के लिए 21 मई को पुनर्मतदान की घोषणा की थी, जिसके परिणाम 24 मई को घोषित किए जाएंगे। उधर, एक बड़ा उलटफेर तमिलनाडु में भी हुआ, जहां दो साल पहले बनी अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके नंबर वन हो गई है। टीवीके 107 सीटों के साथ सबसे आगे रही है।

तमिलनाडु के मौजूदा मुख्यमंत्री एमके स्टालिन कोलाथुर सीट से चुनाव हार गए हैं। उन्हें टीवीके के बीएस बाबू ने 8000 से ज्यादा वोटों से हराया है। इधर, टीवीके को सरकार बनाने के लिए 118 सीटों के साथ बहुमत हासिल करना होगा। एक्टर विजय के पिता चंद्रशेखर ने कहा है कि विजय कांग्रेस के साथ गठबंधन कर सकते हैं। डीएमके के साथ मिलकर लड़ रही कांग्रेस को पांच सीटें मिली हैं। असम में भी हिमंता सरकार की वापसी हो गई है। हिमंता लगातार तीसरी बार सरकार बनाएंगे। भाजपा गठबंधन ने असम में 102 सीटें जीती हैं, वहीं कांग्रेस गठबंधन को 21 ही सीटें मिली हैं। कांग्रेस का चेहरा रहे गौरव गोगोई खुद भी चुनाव हार गए हैं। पुड्डुचेरी विधानसभा चुनाव के नतीजों में सत्तारूढ़ एनआर कांग्रेस के नेतृत्व वाले एनडीए ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। भाजपा और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगण (अन्नाद्रमुक) के समर्थन वाले इस गठबंधन ने केंद्र शासित प्रदेश में अपनी सत्ता बरकरार रखी है। वहीं कांग्रेस-द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले ‘इंडिया’ गठबंधन को दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा है। पुड्डुचेरी की 30 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को कम से कम 16 सीटों की जरूरत होती है। यहां एनडीए गठबंधन को 18 सीटें मिली हैं, वहीं कांग्रेस गठबंधन को छह ही सीटें मिली हैं। यहां भी अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन ने तीन सीटें जीती हंै। बहुमत स्पष्ट होने के बाद अब एनआर कांग्रेस, भाजपा और अन्नाद्रमुक के नेता अगली सरकार बनाने की औपचारिकताओं और विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए जल्द ही बैठक करेंगे। यह लगभग तय माना रहा है कि एन. रंगासामी ही अगले मुख्यमंत्री होंगे। केरल में कांग्रेसनीत यूडीएफ ने 99 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। यहां वाम दलों के गठबंधन एलडीएफ से सत्ता छिन गई है। पनाराई विजयन ने केरल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि वे धरमदम सीट पर जीत गए थे। उन्होंने कांग्रेसी प्रत्याशी अब्दुल रशीद को 19 हजार वोटों से हराया है।








