गोरखपुर : लापरवाही व भ्रष्टाचार में पीपीगंज नगर पंचायत कई बार रहा खबरों में

गोरखपुर। गोरखपुर जिले का पीपीगंज नगर पंचायत वित्तीय अनियमितताओं, विकास कार्यों में गड़बड़ी के मामले तथा मीडिया विज्ञापनों का भुगतान न करने की वजह से कई बार ख़बरों में रहा है। सभासदों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने पीपीगंज नगर पंचायत अध्यक्ष गंगा प्रसाद जायसवाल और अधिशाषी अधिकारी (ईओ) महेंद्र पांडेय के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाई थी।
यही नहीं, अधिशाषी अधिकारी संजय जैसवार, धर्मेन्द्र सिंह, आन्जनेय मिश्रा के अलावा वरिष्ठ लिपिक नरसिंह व आॅपरेटर रमेश पर लापरवाही व मामले की अनदेखी के चलते समाचार पत्रों में नगर पंचायत प्रकाशित कराये गए विज्ञापनों का भुगतान नही किया गया जिसकी वजह से पत्रकारों और मीडिया संस्थानों में भारी आक्रोश है। बिल पास कराने के लिए कई बार चक्कर काटने के बावजूद पंचायत अधिकारियों की उदासीनता से नगर पंचायत के प्रकाशित किए गए विज्ञापनों का भुगतान लगभग 8 वर्षों से रूका हुआ है। प्रकाशित विज्ञापनों का ये भुगतान स्थानीय निकाय निदेशालय के निदेशक द्वारा भुगतान के लिए दिनांक 16 मार्च 2023 को दिए गए आदेश के बावजूद भी नहीं किया गया।
पीपीगंज नगर पंचायत के वर्तमान अध्यक्ष लक्ष्मण विश्वकर्मा हैं, जिनके कार्यकाल के दौरान कुछ स्थानीय स्तर पर और विरोधियों द्वारा भ्रष्टाचार व अनियमितता के छिटपुट आरोप लगाए गए हैं जैसे वर्ष 2024 में मंदिर निर्माण या एक फर्म को लेकर शिकायतें, हालांकि प्रशासन द्वारा हालिया निरीक्षण में विकास कार्यों की फाइलों व एमआरएफ सेंटर की जांच की गई है और कोई ठोस आधिकारिक भ्रष्टाचार सिद्ध नहीं हुआ है। पूर्व के कार्यकाल में, वर्ष 2022 में पूर्व अध्यक्ष गंगा प्रसाद जायसवाल के समय वित्तीय अनियमितता के मामले सामने आए थे, जिसे लोग कभी-कभी भ्रमवश जोड़ देते हैं।









