
बीकानेर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बीकानेर के सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया। उन्होंने बीएसएफ के जवानों से बातचीत में कहा कि बीएसएफ को अपनी परंपरागत ड्यूटी से आगे बढक़र नए सुरक्षा आयामों पर काम करना होगा। गृहमंत्री अमित शाह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ की सांचू पोस्ट पहुंचकर प्रहरी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने यहां कहा कि 50 किलोमीटर तक असामान्य गतिविधियों पर नजर रखें। बीएसएफ की जिम्मेदारी है कि सीमा से लगे 50 किलोमीटर के गांवों में होने वाले किसी भी अवैध निर्माण की जानकारी सिविल प्रशासन और पुलिस को दें।
श्री शाह ने बीकानेर में महिला बैरकों के ई-उद्घाटन के दौरान कहा कि सीमा पर निगरानी पर्याप्त नहीं है, बल्कि सीमा से 50 किलोमीटर तक की क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि अगर सीमावर्ती गांवों की आबादी में अस्वाभाविक बदलाव दिखे तो राज्य सरकार को तुरंत सतर्क किया जाए। गृहमंत्री ने ड्रोन के जरिए हो रही हथियार और नारकोटिक्स तस्करी को बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अगले छह महीने में बॉर्डर पर ड्रोन रोधी सिस्टम लगाने की शुरुआत करेगी। श्री शाह ने कहा कि ड्रोन भारत की जमीन पर उतरता है, उसे कौन रिसीव करता है और सामग्री का इस्तेमाल कौन करता है। इस पर हमारी पैनी नजर होनी चाहिए। इसके लिए सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
फोर लेयर सिक्योरिटी ग्रिड पर जोर
अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ, सेना, नागरिकों और राज्य सरकार मिलकर फोर लेयर सुरक्षा ग्रिड तैयार करेंगे। इसे सिर्फ फोर लेयर सिक्योरिटी नहीं, बल्कि साझा जिम्मेदारी वाला सुरक्षा मॉडल माना जाना चाहिए। श्री शाह ने कहा कि सीमा पार से पैदा होने वाले खतरों के साथ-साथ देश के अंदर मौजूद उन तत्वों पर भी नजर रखनी होगी जिनका इस्तेमाल दुश्मन ताकतें करती हैं।







