
तेहरान, तेल अवीव। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्धविराम के बीच इजरायल ने सोमवार को दक्षिण-पश्चिम ईरान में एक प्रमुख पेट्रोकेमिकल संयंत्र और कई अन्य सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किये हैं। दो महीने पहले हुए युद्धविराम के बाद ईरान के भीतर किसी ऊर्जा स्थल पर यह पहला इजरायली हमला है। इसी बीच ईरान और इजरायल की बीच सैन्य संघर्ष बढ़ते ही ईरान में स्थित भारतीय दूतावास ने अलर्ट एडवाइजरी जारी कर भारतीय नागरिकों को तुरंत ईरान छोडऩे के लिए कहा है। तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने क्षेत्र के मौजूदा हालातों को देखते हुए सभी भारतीय नागरिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे फिलहाल ईरान की यात्रा न करे। सुरक्षा के लिहाज से अभी वहां जाना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। एडवाइजरी में कहा गया है कि इस समय ईरान में रह रहे सभी भारतीय जो भी साधन मौजूद हों, उनका इस्तेमाल करके तुरंत देश से बाहर निकल जाएं। इससे पहले रविवार को इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरुत के दक्षिणी उपनगर (दहियाह) में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर भीषण बमबारी की थी, जिसे इजरायल ने हिजबुल्लाह के रॉकेट हमलों का जवाब बताया। इसके तुरंत बाद, ईरान और यमन के हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर सिलसिलेवार मिसाइलें दागीं।
इजरायल पर बैलेस्टिक मिसाइल हमला
पश्चिम एशिया में दो महीने पहले लागू हुआ युद्धविराम सोमवार तडक़े पूरी तरह टूट गया, जब यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और ईरान ने इजरायल पर चौतरफा मिसाइल हमले किए। सोमवार सुबह यमन के हूती विद्रोहियों और ईरान की ओर से मध्य, दक्षिणी और उत्तरी इजरायल को निशाना बनाकर सिलसिलेवार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई। इस अचानक हुए हमले के बाद तेल अवीव, यरूशलेम और उत्तरी इजरायल के इलाकों में सुरक्षा सायरन गूंज उठे, जिससे नागरिकों को तुरंत बम शेल्टरों (बंकरों) में शरण लेनी पड़ी। इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) ने आधिकारिक बयान जारी कर हूतियों के दावों को खारिज किया। इजरायल ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह मुस्तैद थी और उसने यमन व ईरान की ओर से दागी गयीं सभी मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है।







