
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने नीट पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्त अधिकारियों के खिलाफ क्रिमिनल केस भी दर्ज किया जाएगा। एनटीए ही नीट को पेपर करवाती है। बता दें कि एक दिन पहले सरकार ने 17 सीनियर अधिकारियों के तबादले और प्रोमोशन के आदेश जारी किए थे। सबसे बड़ा फेरबदल शिक्षा मंत्रालय में हुआ था। यहां 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को शिक्षा मंत्रालय के हायर एजुकेशन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया था। वह मौजूदा सचिव विनीत जोशी की जगह लेंगे, जबकि विनीत जोशी को पंचायती राज मंत्रालय सचिव बना दिया गया है। इसके अलावा 1995 बैच के आईएएस अधिकारी टीके अनिल कुमार को पदोन्नत कर स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।
उधर, नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने पेपर लीक और नकल के खिलाफ मौजूदा कानूनों को और सख्त करने की तैयारी कर ली है। प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश में और कार्रवाई का वादा करने के एक दिन बाद सरकार पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024 में संशोधन करने का फैसला किया है और इसे केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी भी मिल गई है। संशोधन बिल में पेपर लीक मामलों में 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा कानून के तहत दर्ज सभी मामले गैर-जमानती होंगे, यानी आरोपियों को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी। सूत्रों के अनुसार यह बिल 27 जुलाई, सोमवार को संसद में पेश किया जा सकता है।








