
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अब पार्टी संगठन में अपनी पसंद की टीम तैयार कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कांग्रेस संगठन को नए सिरे से गढऩे और युवाओं को फ्रंट फुट पर लाने की कवायद शुरू कर दी है। कांग्रेस को बुजुर्ग और ‘ड्राइंग रूम पॉलिटिक्स’ करने वाले नेताओं के चंगुल से निकालकर अब एक युवा, आक्रामक और जमीन पर लडऩे वाले संगठन में तब्दील करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राहुल गांधी ऐसे नेताओं और पदाधिकारियों को जिम्मेदारी देना चाहते हैं, जिन पर उन्हें भरोसा हो और जो उनकी राजनीतिक सोच के मुताबिक काम कर सकें। राहुल गांधी ने हाल ही में लगातार दो दिन तक पार्टी सचिवों के पद के लिए उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए।
ये सचिव महासचिवों और सीनियर नेताओं के साथ मिलकर संगठन से जुड़े काम संभालेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी कुछ उम्मीदवारों से प्रभावित नहीं हुए और सीनियर नेताओं की सिफारिश पर आए कुछ नामों को खारिज भी कर दिया। इन साक्षात्कारों के जरिए राहुल गांधी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को संदेश दिया कि संगठन में नियुक्तियों के लिए अब केवल सिफारिश पर निर्भरता नहीं होगी। वह अपनी पसंद और राजनीतिक आकलन के आधार पर लोगों का चयन करना चाहते हैं। राहुल गांधी के इस रुख को कांग्रेस के पुराने नेतृत्व और युवा नेतृत्व के बीच चल रहे बदलाव से भी जोडक़र देखा जा रहा है।








