
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शनिवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने कहा कि देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। श्री प्रधान ने कहा कि गत 03 मई को हुई नीट परीक्षा में जो अनियमितताएं पाई गई हैं, उनसे उन्होंने कभी मुंह नहीं मोड़ा है और पहले दिन से ही जिम्मेदारी ली है।
छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन तथा विपक्ष द्वारा उनके इस्तीफे के लिए सरकार पर बनाये जा रहे दबाव के बीच श्री प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि पिछले 10 दिन का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दु:खी है। जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं, देश की एकता बनी रहे, देश के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि देश की युवाशक्ति ही, इसकी असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे।









