खेलताजा खबरभारत

संजू सैमसन ने एक मुश्किल दौर के बाद बेहतरीन वापसी की – कोच गौतम गंभीर

कोलकाता। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा कि संजू सैमसन ने एक मुश्किल दौर के बाद बेहतरीन वापसी की है और उन्हें उम्मीद है कि उनकी लय सेमीफानल और फाइनल में भी जारी रहेगी। संजू की इस वापसी के बारे में मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि संजू कितने अच्छे खिलाड़ी हैं। यह सब उन्हें बैक करने (भरोसा जताने) के बारे में था और जब टीम को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, उस दिन उन्होंने इस तरह की बेहतरीन पारी खेली। अभी टूर्नामेंट में कुछ और महत्वपूर्ण मैच शेष हैं। यह उनके लिए लय पकड़ने का समय है। मैंने हमेशा कहा है कि वह एक विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं। वह एक महान प्रतिभा हैं और उम्मीद है कि हम आगे भी उनसे, इसी तरह की पारी देख सकेंगे।”

वेस्टइंडीज के खिलाफ सैमसन की यह पारी पहली नजर में बेहद आक्रामक दिख सकती है, लेकिन उन्होंने पूरी पारी के दौरान बहुत सोच-समझकर जोखिम लिए और लगातार स्ट्राइक रोटेट करने का प्रयास किया। इसी क्रम में उन्होंने सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या और तिलक के साथ छोटी लेकिन महत्वपूर्ण साझेदारियां की। गंभीर ने कहा, “उन्होंने एक बेहतरीन अंदाज में अपनी पारी को नियंत्रित किया। मुझे वास्तव में ऐसा लगा कि उन्होंने कभी पारी को एक्सीलरेट (तेज) नहीं किया। ये सिर्फ बहुत ही सामान्य क्रिकेटिंग शॉट्स थे और मैंने किसी भी गेंद पर उन्हें जबरदस्ती ताकत लगाते हुए भी नहीं देखा।

उन्होंने कहा जिम्बाब्वे के खिलाफ उनकी पिछली पारी बेहद महत्वपूर्ण थी। लोग उनके स्कोर और अलग-अलग चीजो को देखते रहेंगे, लेकिन फिर टीम में वापस आना और 23-24 रनों की वह पारी खेलना, उनके लिए अच्छा एहसास रहा होगा। उससे उन्हें बहुत आत्मविश्वास मिला होगा क्योंकि जाहिर तौर पर उस खिलाड़ी के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज कठिन ही थी, लेकिन हम हमेशा उनकी क्षमता को जानते थे।”

गंभीर ने कहा, “मैंने सैकड़ों क्रिकेटरों को देखा है, लेकिन बहुत से लोगों के पास वह प्रतिभा नहीं है। न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी सीरीजी कठिन रही थी। इसलिए कभी-कभी उन्हें ब्रेक देना भी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि आप खिलाड़ी को उस दबाव की स्थिति से बाहर निकालना चाहते हैं। हम हमेशा जानते थे कि जब भी हमें विश्व कप मैच में उनकी जरूरत होगी, वह आएंगे और हमारे लिए प्रदर्शन करेंगे। बड़े मैच हों या नॉक-आउट, खिलाड़ियों को मानसिक रूप से काफी मजबूत रहना पड़ता है। इसके बाद कौशल की बात आती है। वैसे भी आप एक सप्ताह या 2-3 दिन में कौशल नहीं बदलते। यह इस बारे में है कि आप दबाव को कितना सोख सकते हैं। मैंने हमेशा एक चीज पर विश्वास किया है कि जो खिलाड़ी दबाव को सबसे अच्छी तरह सोखते हैं, उनके पास इस प्रतियोगिता को जीतने का सबसे अच्छा मौका होता है।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *