
परगना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को बंगाल में चुनावी बिगुल फूंका। उन्होंने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में एक जनसभा के दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नीतियों और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण से राज्य का विकास नहीं हो सकता। शाह ने दावा किया कि राज्य आठ लाख करोड़ के कर्ज में डूबा है। शाह ने मदरसों को मिलने वाली आर्थिक मदद पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दूसरे राज्यों के विपक्षी दलों की सियासत पर भी हमले बोले। उन्होंने बिहार, असम, तमिलनाडु जैसे राज्यों में परिवारवाद का आरोप लगाते हुए तेजस्वी यादव, गौरव गोगोई और एमके स्टालिन की राजनीति पर भी तीखी टिप्पणी की। शाह ने कहा कि भाजपा की परिवर्तन यात्रा का उद्देश्य राज्य में बदलाव लाना और बंगाल को घुसपैठियों से मुक्त करना है।
उन्होंने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल में कथित भ्रष्ट तृणमूल कांग्रेस सरकार को हटाकर विकास का नया दौर शुरू करना चाहती है। शाह ने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति के कारण राज्य का विकास प्रभावित हुआ है और बंगाल की स्थिति लगातार खराब हुई है। अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर गलती से फिर तृणमूल कांग्रेस सत्ता में लौटती है तो सरकार ममता बनर्जी नहीं, बल्कि उनके ‘भतीजे’ द्वारा चलाई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी राज्य के विकास में रुचि नहीं रखतीं और सिर्फ अभिषेक बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाना चाहती हैं।









