
बंगलुरु। कर्नाटक के करवार में बुधवार को भारतीय नौसेना के दूसरे स्वदेशी माहे क्लास एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्रॉफ्ट युद्धपोत आईएनएस मालवन को आधिकारिक रूप से सेवा में शामिल कर लिया गया। यह जहाज कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा बनाया गया है। आईएनएस मालवन का नाम भारतीय नौसेना के पुराने इनशोर माइंसवीपर से लिया गया है, जिसने 19 साल की सेवा के बाद 2003 में सेवानिवृत्ति ली थी। यह विशेष रूप से उथलेपानी में एंटी-सबमरीन वॉरफेयर के लिए डिजाइन किया गया है।
यह दुश्मन पनडुब्बियों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और जरूरत पडऩे पर नष्ट करने में सक्षम है। जहाज को बड़े युद्धपोतों, पनडुब्बियों और हवाई संपत्तियों के साथ मिलकर काम करने के लिए बनाया गया है. इससे भारतीय नौसेना की तटीय सुरक्षा और एंटी-सबमरीन क्षमताओं में काफी वृद्धि होगी। जाहिर है कि नौसेना को आईएनएस मालवन मिलने से चीन और पाकिस्तान की टेंशन बढ़ जाएगी।








