
हिसार। हरियाणा के हिसार जिले के भेरिया गांव के 22 वर्षीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर दिया है। पुरुष 80 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल में उन्होंने कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 के एकतरफा अंतर से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। अब उनकी नजर स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाने पर है। सेमीफाइनल मुकाबले में अंकुश ने शुरुआत से ही आक्रामक और तकनीकी खेल का प्रदर्शन किया। उनकी सटीक पंचिंग, बेहतरीन फुटवर्क और तेज काउंटर अटैक के सामने कनाडाई खिलाड़ी टिक नहीं सका। सभी पांचों जजों ने मुकाबले का फैसला अंकुश के पक्ष में दिया।
अंकुश ने 11 वर्ष की उम्र में बॉक्सिंग की शुरुआत की थी। छह भाई-बहनों के परिवार से आने वाले अंकुश को खेलों के प्रति प्रेरणा अपने भाई और बहन से मिली। कोच प्रवीण सावंत के मार्गदर्शन में उनके पिता सुरेश पंघाल रोजाना करीब 15 किलोमीटर दूर प्रशिक्षण केंद्र तक उन्हें लेकर जाते थे। शुरुआती दौर में लोगों ने उनकी छोटी कद-काठी और कम उम्र को लेकर ताने भी दिए, लेकिन परिवार ने उनका हौसला कभी नहीं टूटने दिया।








