
नई दिल्ली। ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुनिया की मौजूदा स्थिति और भारत का पक्ष बेबाकी से रखा। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में वैश्विक राजनीति और आर्थिक व्यवस्थाएं एक बड़े बदलावों और अस्थिरता से गुजर रही है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट किया कि आज की दुनिया में उतार-चढ़ाव, अनिश्चितता और जटिलता सबसे मुख्य विशेषताएं बन गई हैं। दुनिया भर में हो रहे भू-राजनीतिक संघर्ष, महामारी का असर और मौसम में हो रहे बदलाव वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स देशों के लिए अधिक आर्थिक गतिविधियों और आर्थिक सुरक्षा का सीधा मतलब अधिक आत्मनिर्भरता है। इसका लक्ष्य बाहरी झटकों को सहने की क्षमता को मजबूत करना है, ताकि दुनिया से जुड़े रहने के साथ-साथ प्रतिस्पर्धा में भी आगे रहा जा सके।
उन्होंने कहा कि एक मजबूत आर्थिक माहौल तैयार करने के लिए निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं, भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स और पारदर्शी निवेश की जरूरत पर बल दिया गया। इसके अलावा, ऊर्जा संकट से निपटने के लिए ऐसे सिस्टम की आवश्यकता है जो झटकों को सह सकें और हर देश की जरूरतों के हिसाब से ढल सकें। विदेश मंत्री ने कहा कि एक तरफ जहां वैश्विक चुनौतियां बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उम्मीद की किरण भी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि तेजी से होता डिजिटलाइजेशन और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रगति विकास, उत्पादकता और वृद्धि के नए रास्ते खोल रही है। जयशंकर ने कहा है कि बदलते वैश्विक माहौल ने एक ऐसा आर्थिक परिदृश्य तैयार कर दिया है, जहां जोखिम और अवसर दोनों ही हर जगह फैले हुए हैं।








