
पटना। रेलवे में नौकरी के बदले जमीन से जुड़े धनशोधन मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोपों पर नए सिरे से दलीलें सुनी जाएंगी। स्पेशल जज प्रशांत कुमार ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नए सिरे से दलीलें पेश करने के लिए समय दिया और मामले की अगली सुनवाई 14 अक्तूबर को तय की। अदालत ने कहा कि ईडी के वकील आरोप तय किए जाने के बिंदु पर नए सिरे से दलीलें पेश करने के लिए कुछ समय चाहते हैं।
इससे पहले, स्पेशल जज विशाल गोगने ने आरोप तय करने के मामले में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। ईडी ने इस संबंध में अपनी दलीलें इस साल 16 मार्च को पूरी कर ली थीं। बाद में स्पेशल जज गोगने का द्वारका कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया। बुधवार को कोर्ट के कर्मचारियों ने भी इसकी जानकारी दी। जज गोगने 22 सितंबर से रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत हैं।







