
नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार अभियानकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को घोषणा की है कि अगर शिक्षा सुधारों और नीट पेपर लीक को लेकर उनकी मांगों के संबंध में सरकार और राजनीतिक नेतृत्व की ओर से तीन प्रमुख आश्वासन दिए जाते हैं, तो वह अपना अनिश्चितकालीन आमरण अनशन समाप्त करने को तैयार हैं। सफदरजंग अस्पताल से जारी हस्तलिखित नोट में सोनम वांगचुक ने कहा कि वह अपनी शर्तें पूरी होने के बाद ही अनशन समाप्त करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें ‘अवैध हिरासत’ में रखा जा रहा है और दावा किया कि उनके आने-जाने, बोलने और बातचीत करने की आजादी सीमित कर दी गई है।
उनके ‘एक्स’ अकाउंट पर साझा किए गए पत्र के मुताबिक, सोनम वांगचुक की प्राथमिक मांग यह है कि सरकार शिक्षा प्रणाली में आयी गंभीर कमियों की जिम्मेदारी स्वीकार करे, जिसमें नीट परीक्षा का पेपर लीक होना भी शामिल है। उनकी दूसरी मांग यह है कि राजनीतिक दल यह सुनिश्चित करें कि संसद के चल रहे मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे को उठाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी सेहत से जुड़ी स्थिति उन्हें संसद के प्रस्तावित मार्च में शामिल होने से रोकती है, तो वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं को अस्पताल में उनसे मिलना चाहिए और व्यक्तिगत रूप से उन्हें आश्वस्त करना चाहिए कि पहली दो मांगों पर कार्रवाई की जायेगी।








