
नई दिल्ली। देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य को अधर में लटकाने वाले और व्यापक विरोध प्रदर्शनों की वजह बने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अगले एक हफ्ते के भीतर अपनी दूसरी और अंतिम चार्जशीट दाखिल करने जा रही है। जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई की इस अंतिम चार्जशीट में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) या शिक्षा मंत्रालय का कोई भी सरकारी अधिकारी आरोपी नहीं बनाया जाएगा। इसमें सिर्फ एनटीए द्वारा नियुक्त विषय विशेषज्ञ, कोचिंग सेंटर संचालक, बिचौलिए और परीक्षार्थी शामिल होंगे। सीबीआई की इस जांच रिपोर्ट के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच नाराजगी है, क्योंकि जांच में केवल 13 निजी व्यक्तियों- विषय विशेषज्ञों, कोचिंग संचालकों और बिचौलियों की भूमिका ही तय हो सकी है। सीबीआई ने इस मामले में अब तक राजस्थान, हरियाणा और महाराष्ट्र से 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, इन्हीं लोगों को इस मामले में मुख्य आरोपी भी बनाया गया है।
जांच से जुड़े सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंतिम चार्जशीट में किसी भी सरकारी अधिकारी या एनटीए के पदाधिकारियों को आरोपी नहीं बनाया जाएगा। पेपर लीक के घटनाक्रम की गहन जांच के दौरान निजी व्यक्तियों से आगे किसी भी सरकारी तंत्र की मिलीभगत के सबूत नहीं मिले हैं। इसके साथ ही नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में हमारी जांच पूरी हो जाएगी। सीबीआई ने इस मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, सबूत मिटाने के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मामले दर्ज किए हैं। एजेंसी ने अदालत के सामने 360 गवाह, 422 दस्तावेज और 43 फिजिकल सबूत पेश किए हैं। इससे पहले 28 जुलाई को सीबीआई की ओर से दाखिल पहली चार्जशीट में 13 लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें एनटीए की तरफ से नियुक्त तीन विषय विशेषज्ञ शामिल थे।








