चित्रकूट : ‘अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस’ पर राज्य मंत्री केपी मलिक द्वारा लांच किया गया “रानीपुर टाईगर रिजर्व एप्प”

चित्रकूट . अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व को नई सौगात मिली है. चित्रकूट के मानिकपुर पाठा क्षेत्र में बने रानीपुर टाइगर रिजर्व को लगभग 4 साल हो गए हैं. ऐसे में उसकी देश-विदेश तक पहचान बनाने और पर्यटकों को आसानी से पहुचने व ठहरने की व्यवस्था की जानकारी को लेकर अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर आज “रानीपुर टाइगर रिजर्व एप्प” भी लॉन्च किया गया है.
चित्रकूट के जगदगुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय में आयोजित अंतराष्ट्रीय बाघ दिवस में राज्य मंत्री पर्यावरण जन्तु उद्यान केपी मलिक व उत्तर प्रदेश वन के विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी मौजूद व विभाग के अन्य अधिकारीयो ने शिरकत की कार्यक्रम में जंगलों के पेड़ पौधे और जीव जंतुओं को बचाने के संदेश दिए गए इसके साथ ही स्कूली बच्चों के द्वारा अपनी-अपनी प्रस्तुति पेश की गई, मुख्य अतिथि के तौर पर आए राज्य मंत्री केपी मलिक ने रानीपुर टाइगर रिजर्व के लोगो और रानीपुर टाइगर रिजर्व की वेबसाइट का उद्घाटन किया है. जिससे कि यहां आने वाले पर्यटक अब ऑनलाइन ही इसकी बुकिंग और इसके बारे में जानकारी ले सकेंगे. उन्होंने बताया कि रानीपुर टाइगर रिजर्व यूपी का चौथा टाइगर रिजर्व है. उन्होंने अपने भाषण में कहा कि उत्तर प्रदेश में 205 बाघों की संख्या है. और आने वाले समय में हम उनकी संख्या में और भी बढ़ोतरी होगी, जिससे हमारा पारिस्थिकी तंत्र सुरक्षित रहे.
वही इस संबंध में उत्तर प्रदेश वन विभागा उत्तर प्रदेश वन विभाग के विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह बात सच है कि कार्यान्वयन धीरे धीरे हो रहा है क्यूंकि जुम्मेदारी बढ़ जाती है उन्हों ने बताया कि मध्यप्रदेश में भी भारत सरकार की एक और अथॉरिटी है राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (National Tiger Conservation Authority – NTCA) जिससे फंडिग प्रक्रिया काफी धीमी है, और एक दो सालों में कम होती जा रही है विभाग ने वन जीव संरक्षण के लिए कई योजनाएं बनाई है,जो प्रदेश की योजनाएं रहेगी जिसमे बजट और फंडिंग की कोई कमी नही रहेगी,रही बात सुरक्षा की फिलहाल हमारे पास अभी 800 फॉरेस्ट गार्ड है और अगस्त के अंत तक और भी फॉरेस्ट गार्ड हमें मिलने वाले हैं जिससे उनकी पर्याप्त संख्या सुरक्षा को लेकर होगी, उन्होंने बताया कि किसी भी टाइगर रिजर्व के लिए यह बहुत जरूरी है कि वहां की जलवायु, जंगल, पारिस्थितिकी तंत्र ,घास ,पौधे और वन जीवो के लिए पानी की क्या व्यवस्था है, उन्होंने बताया कि 3:00 का लिंक परियोजना के चलते पन्ना सफारी से माइग्रेट होकर जो बड़े विडाल हैं वह रानीपुर टाइगर रिजर्व पहुंचेंगे यहां उनके दिए पर्याप्त भोजन होना अत्यावश्यक है इसको देखकर जंगल ज्यादा जरूरी है जब जोड़े माइग्रेट होकर आएंगे और पुणे पर्याप्त भोजन मिले करता हुआ यहां सीखेंगे उसके लिए हम लोग कोशिश में है कि इस तरह का माहौल बड़े विडलो को मिले ताकि वह रानीपुर टाइगर रिजर्व के जंगल में रख कर ब्रीडिंग कर अपनी संख्या बढ़ाए,
वहीं राज्य मंत्री केपी मलिक ने बताया कि पहले उत्तर प्रदेश को लोक विभिन्न नाम से पुकारते थे पर मुख्यमंत्री योगी और प्रधानमंत्री मोदी की वजह से उत्तर प्रदेश का नाम और उत्तम प्रदेश हो गया है उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की बात करते हुए सभी को एक पौधा मां के नाम लगाने की बात की है उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले 170 भाग थे पर अच्छे माहौल के चलते उत्तर प्रदेश में अब इनकी संख्या बढ़कर 205 हो गई है।
रिपोर्ट: वीरेंद्र शुक्ला चित्रकूट








