
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से आत्मकथाएं पढऩे और दूसरों के संघर्षों से सीखने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘रील के युग’ में रह रहे युवाओं को याद रखना चाहिए कि शॉर्टकट आपको नुकसान पहुंचा सकता है। पीएम मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स’ के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कोविंद का जीवन दिखाता है कि दृढ़ संकल्प किसी व्यक्ति को मुश्किलों से उबरने और सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने में कैसे मदद कर सकता है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति पद छोडऩे के बाद भी कोविंद के लगातार सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने का जिक्र करते हुए कहा कि पद छोडऩे के बाद भी उन्होंने आराम नहीं किया। पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पहल पर काम कर रहे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र में एक नया अध्याय खोल सकती है।
पीएम मोदी ने कहा कि इस मुद्दे पर पूर्व राष्ट्रपति के प्रयास भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में उनके निरंतर योगदान का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर युवाओं से आत्मकथाएं पढऩे की अपील की। उन्होंने कहा कि इनसे किसी खास दौर को उस व्यक्ति के जीवन के जरिए समझने का मौका मिलता है जिसने उसे खुद अनुभव किया हो। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज रील का जमाना है, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आपको कहीं न कहीं खींच ले जाते हैं, लेकिन इस दौर में भी, रेलवे स्टेशन पर लिखी बात याद रखें। शॉर्टकट न अपनाएं, शॉर्टकट आपको छोटा कर देगा। पीएम मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब सरकार और सत्तारूढ़ बीजेपी ने सोशल मीडिया पर ‘जेन ज़ी’ से जुडऩे की कोशिशें तेज कर दी हैं।









