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‘सारस्वत समारोह’ में प्रख्यात साहित्यकार और कवि देवकी नंदन ‘शांत’ समेत 8 विभूतियाँ सम्मानित

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के प्रसिद्ध निराला सभागार में हिंदी संस्थान, लखनऊ के प्रथम संपादक रहे डॉ. रमाकांत श्रीवास्तव की 105वीं जयंती के अवसर पर एक भव्य ‘सारस्वत समारोह’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष गरिमामयी कार्यक्रम में साहित्य, कला, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े 8 प्रमुख विद्वानों व समाजसेवियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रख्यात साहित्यकार और ओजस्वी कवि देवकी नंदन ‘शांत’ मुख्य रूप से शामिल रहे।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि, विशिष्ठ वक्ताओं और संस्थान के अधिकारियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ। ‘सारस्वत समारोह’ को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि भाषा और संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखने में हमारे देश के रचनाकारों और समाजसेवियों का अमूल्य योगदान है। हिंदी संस्थान का निराला सभागार हमेशा से ऐसी वैचारिक और साहित्यिक चेतना का साक्षी रहा है।
कवि देवकी नंदन ‘शांत’ को मिला ‘सारस्वत सम्मान’
हिंदी साहित्य और काव्य साधना को समृद्ध बनाने के लिए सुप्रसिद्ध कवि देवकी नंदन ‘शांत’ को इस सारस्वत समारोह में मंच पर अंगवस्त्र, शॉल, सम्मान पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान ग्रहण करने के बाद श्री ‘शांत’ ने आयोजकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने अपनी राष्ट्रीय चेतना और मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत कुछ ओजस्वी काव्य पंक्तियों का पाठ भी किया, जिसने सभागार में उपस्थित सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
हिंदी साहित्य और काव्य साधना को समृद्ध बनाने के लिए सुप्रसिद्ध कवि देवकी नंदन ‘शांत’ को इस सारस्वत समारोह में मंच पर अंगवस्त्र, शॉल, सम्मान पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान ग्रहण करने के बाद श्री ‘शांत’ ने आयोजकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने अपनी राष्ट्रीय चेतना और मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत कुछ ओजस्वी काव्य पंक्तियों का पाठ भी किया, जिसने सभागार में उपस्थित सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विभिन्न क्षेत्रों की 7 अन्य विभूतियाँ भी हुईं सम्मानित
इस सारस्वत समारोह के दौरान देवकी नंदन ‘शांत’ के अलावा पत्रकारिता, हिंदी भाषा के वैश्विक प्रचार-प्रसार, शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाली 7 अन्य गणमान्य हस्तियों को भी मंच से सारस्वत सम्मान से नवाजा गया। सभी सम्मानित विभूतियों ने इस सम्मान को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक निष्ठा से निभाने की प्रेरणा बताया।
इस सारस्वत समारोह के दौरान देवकी नंदन ‘शांत’ के अलावा पत्रकारिता, हिंदी भाषा के वैश्विक प्रचार-प्रसार, शिक्षा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाली 7 अन्य गणमान्य हस्तियों को भी मंच से सारस्वत सम्मान से नवाजा गया। सभी सम्मानित विभूतियों ने इस सम्मान को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक निष्ठा से निभाने की प्रेरणा बताया।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सभी आमंत्रित अतिथियों, प्रबुद्ध साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और गणमान्य नागरिकों का इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।











