
मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोप की ऊर्जा नीति की तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि रूस पहले यूरोपीय देशों को करीब 150-180 डॉलर प्रति 1,000 घन मीटर की दर से गैस उपलब्ध कराता था, लेकिन यूरोपीय नेता लगातार गैस की कीमतें एक्सचेंज आधारित व्यवस्था के अनुसार तय करने पर जोर देते रहे। पुतिन ने कहा, “हमने उनसे कहा था ‘गैस कोई बाजार आधारित कमोडिटी नहीं है। कम से कम, पारंपरिक अर्थों में तो बिल्कुल नहीं। यह व्यवस्था काम नहीं करेगी। आपकी कीमतें केवल बढ़ेंगी।’ खैर, अब आपको वही मिल गया जो आपने मांगा था। अब कीमत 1,000 डॉलर या यूरो तक पहुंच गई है, और शायद इससे भी ज्यादा।”
उन्होंने चेतावनी दी कि एक्सचेंज पर कारोबार करने वाले लोग भौतिक गैस भंडार के बजाय अल्पकालिक मुनाफे पर ध्यान देते हैं और कीमतें बढ़कर 1,500 डॉलर तक पहुंच सकती हैं। पुतिन ने इसे यूरोप की आर्थिक नीति की एक और “विनाशकारी गलती” बताया। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय रूसी ऊर्जा से वैचारिक रूप से दूरी बनाने के यूरोप के फैसले का परिणाम खुद उसके लिए आर्थिक नुकसान के रूप में सामने आया है।








