
नई दिल्ली। पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी के राष्ट्रवाद और सांप्रदायिकता को लेकर दिए बयान पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। नकवी ने कहा कि विभाजन के बाद भारत ने धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में आगे बढऩे का रास्ता चुना, जहां अलग-अलग धर्मों के लोग साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में फर्क और विभाजन पैदा करने की कोशिश करने वाले अपने मकसद में सफल नहीं होंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक मुख्तार अब्बास नकवी ने हामिद अंसारी के बयान पर कहा कि भारत में अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोग साथ रहते हैं। विभाजन के बाद भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बना, जहां अलग-अलग धर्मों के लोग साथ रहते हैं।
जो लोग समाज में फर्क और विभाजन पैदा करने की कोशिश करेंगे, वे अपने एजेंडे में सफल नहीं होंगे। इससे पहले हामिद अंसारी ने 18 सितंबर को नई दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित तीसरे एजी नूरानी मेमोरियल लेक्चर में हिस्सा लिया था। कार्यक्रम में उन्होंने दिवंगत संवैधानिक विशेषज्ञ और लेखक अब्दुल गफूर नूरानी के काम और उनके विचारों का जिक्र किया। अंसारी ने नूरानी की 2019 में प्रकाशित किताब का जिक्र करते हुए नेहरू के नाम से दर्ज उस टिप्पणी को दोहराया, जिसमें भारत के लिए खतरे को साम्यवाद के बजाय हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से जोड़ा गया था।








