
नई दिल्ली। राघव चड्ढा की अगवाई में आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के बीजेपी के साथ जाने के फैसले के बाद राज्यसभा में नंबर गेम पूरी तरह बदल गया है। बता दें कि आप के सबसे बड़े चेहरों में गिने जाने वाले राघव चड्ढा ने अपने अन्य दो साथी सांसदों के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया। साथ ही चड्ढा ने दावा किया कि आप के कुल मिलाकर सात सांसद साथ में हैं, जिनमें पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हरभजन सिंह भी शामिल हैं। इस घटनाक्रम के बाद उच्च सदन की राजनीतिक स्थिति पूरी तरह बदल गई है और बीजेपी अपने दम पर बहुमत के काफी करीब पहुंच गई है। बता दें कि राघव चड्ढा के मुताबिक आप के कुल 10 राज्यसभा सांसदों में से सात सांसदों ने बीजेपी के साथ जाने का फैसला किया है। यह बदलाव दल-बदल विरोधी कानून (दसवीं अनुसूची) के तहत दो-तिहाई बहुमत की शर्त को पूरा करता है, इसलिए इन सांसदों पर कोई अयोग्यता लागू नहीं होगी। यानी कि अब बीजेपी के मौजूदा राज्यसभा सांसदों की संख्या में सीधे-सीधे सात सांसदों का इजाफा हो जाएगा। ऐसे में बीजेपी के लिए राज्यसभा में किसी भी बिल को पास कराना पहले के मुकाबले आसान हो जाएगा।
भाजपा की संख्या में इजाफा
आप के सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद सदन में पार्टी के सदस्यों की संख्या 106 से बढक़र 113 हो जाएगी। इससे सदन में सरकार की स्थिति और मजबूत हो जाएगी। भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा (पंजाब), हरभजन सिंह (पंजाब), संदीप पाठक (पंजाब), अशोक मित्तल (पंजाब), राजिंदर गुप्ता (पंजाब), विक्रम सहनी (पंजाब) व स्वाति मालीवाल (दिल्ली) हैं।







