
तेहरान/वाशिंगटन। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने खुजेस्तान प्रांत के अहवाज में अमरीकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को इंटरसेप्ट कर मार गिराया। ईरानी सरकारी मीडिया ने ड्रोन गिराने का वीडियो भी जारी किया है। आईआरजीसी के मुताबिक, उसने अपने नए डिफेंस सिस्टम से ड्रोन को निशाना बनाया। हालांकि अमरीका ने अब तक न तो ड्रोन गिराए जाने के दावे की पुष्टि की है और न ही जारी वीडियो पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। दूसरी ओर, अमरीकी सेना ने कहा है कि उसने लगातार आठवीं रात ईरान के खिलाफ हवाई हमले किए। इससे पहले अमरीका ने जानकारी दी थी कि जॉर्डन में ईरान के मिसाइल हमले में दो अमरीकी सैनिकों की मौत हुई, जबकि एक सैनिक लापता है। वहीं अमरीका ने यूरोप से अपने पांचवीं पीढ़ी के एफ-35 और एफ-16 लड़ाकू विमानों को पश्चिम एशिया भेजना शुरू कर दिया है। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, एफ-16 लड़ाकू विमानों को जर्मनी के स्पैंगडाहलेम एयर बेस से, जबकि एफ-35 विमानों को ब्रिटेन के लेकेनहीथ एयर बेस से पश्चिम एशिया भेजा जा रहा है। इसके अलावा हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर विमान भी क्षेत्र में तैनात किए जा रहे हैं।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल यदोल्लाह जवानी ने कहा कि अमेरिका इस युद्ध में अपनी हार की भरपाई के लिए सैन्य कार्रवाई कर रहा है। वह होर्मुज स्ट्रेट को युद्ध से पहले जैसी स्थिति में लाना चाहता है, लेकिन वह इसमें सफल नहीं होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, जवानी ने यह भी कहा कि ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के जिम्मेदार लोगों से बदला लिया जाएगा और उन्हें अब चैन की नींद नहीं आएगी। साथ ही आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने जॉर्डन, कुवैत, ओमान और अन्य देशों में मौजूद अमरीकी सैन्य ठिकानों पर भारी हमले किए हैं और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।








