
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण भारत के सामने आई चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए केंद्र सरकार ने बुधवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि चार जहाज आ चुके हैं और कुछ और जहाज आने वाले हैं। खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को लेकर सरकार ने कहा कि हमारे दूतावास लगातार काम कर रहे हैं और अब तक 4.25 लाख भारतीयों को सुरक्षित लाया जा चुका है। जब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधियों ने विदेश मंत्री से पूछा कि ईरान जंग में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि हम अब भी मूक दर्शक बने हुए हैं तो इस पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने टका सा जवाब विपक्षी दलों को दिया।
विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ऐसा 1981 से कर रहा है। इसमें कुछ नई बात नहीं है। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि हम पाकिस्तान की तरह दलाल देश नहीं बन सकते। बैठक खत्म होने के बाद विपक्ष ने कहा कि इस मामले से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार का जवाब संतोषजनक नहीं था। विपक्षी दलों ने यह मांग फिर दोहराई कि लोकसभा में नियम 193 और राज्यसभा में नियम 176 के तहत पश्चिम एशिया संकट को लेकर चर्चा होनी चाहिए।









